Paryushan Parv Aaya,
यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्युषण पर्व आया, इन्तजार करते करते। श्रद्धा का रंग लाया, उत्साह भरते भरते ॥ १. अनमोल है यह अवसर, अब धर्म साधना का। उड़ जाए मोह निद्रा, नवकार जपते जपते ॥ २. सामायिकें तपस्या, स्वाध्याय लीनता हो। आत्मा में हो सरलता, जिनवाणी सुनते सुनते
