Mantra, Vedic

Shree Suktam

श्री सूक्त के 16 मंत्र ॐ हिरण्यवर्णा हरिणिं सुवर्णरजतस्रजाम् ।  चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥1॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् ।  यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥2॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम् ।  श्रियं दैवीमुपह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम् ॥३॥ कां सोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम् ।  पद्ये स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम् ॥4॥ चन्द्रां प्रभासांयशसा ज्वलंती ंश्रियं […]

Mantra, Vedic

Vishnu Shahshtra Nam( Arth Sahit)

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः प्रिय भक्तों विष्णु सहस्त्रनाम भगवान श्री हरि विष्णु अर्थात भगवान नारायण के 1000 नामों की वह श्रृंखला है जिसे जपने मात्र से मानव के समस्त दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं और भगवान विष्णु की अगाध कृपा प्राप्त होती है।  विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र  ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॐ

Paras

Karti Hu Vandana Moksgami

करती हूँ वन्दना मोक्षगामी  (तर्ज : आधा है चन्द्रमा रात आधी) करती हूँ वन्दना मोक्षगामी। रह न जाये कोई मेरी साध स्वामी। प्रभु पार्श्व स्वामी ।।  मैं तो आई हूँ आस लगा के, अब जाऊँगी दर्शन पा के। मेरे प्यासे नयन होवे कैसे मगन-2 बिन दर्शन तेरे त्रिभुवन स्वामी, करती हूँ… ।।  तेरे चरणों में

Mahavir Swami

Baje Kundal Pur Me Badhayi

बाजे कुण्डलपुर में बधाई बाजे कुण्डलपुर में बधाई, कि नगरी में वीर जन्मे-2, महावीरजी। जागे भाग्य हैं त्रिशाला माँ के 2 कि त्रिभुवन के नाथ जन्मे 2, महावीरजी ।। शुभ घड़ी जन्म की आई 2, कि स्वर्ग से देव आये, महावीरजी। तेरा न्हावण करे मेरू पर 2, कि इन्द्र जल भर लाये, महावीरजी ।। तुझे

Paras

1.Hai Ye Pawan Bhumi 2.Mere Prabhu Ka Paras Nam

है ये पावन भूमि (तर्ज: ऐ मेरे दिले नादान) है ये पावन भूमि, यहाँ बार-बार आना।  प्रभु पार्श्व के चरणों में, आकर के झुक जाना ।।  भटके हुए राही को, तुम राह दिखाते हो।  जो तेरी शरण आये, उसे पार लगाते हो ।।  आये हैं तेरी शरणे, खाली ना लौटना ।।। है ये …  संकट

Jain Bhajan

Navkar Prarthna

महामन्त्र – नवकार प्रार्थना नवकार मन्त्र है महामन्त्र, इस मन्त्र की महिमा भारी है। आगम में कही, गुरुवर से सुनी, अनुभव में जिसे उतारी है। ।टेर ।।  अरिहंताणं पद पहला है, अरि आरति दूर भगाता है। सिद्धाणं सुमिरन करने से, मन इच्छित सिद्धि पाता है। आयरियाणं तो अष्ट सिद्धि और नव निधि के भण्डारी हैं।।

Jain Bhajan

Arihanto Ko Namskar

अरिहन्तों को नमस्कार अरिहन्तों को नमस्कार,  श्री सिद्धों को नमस्कार  आचार्यों को नमस्कार,  उपाध्यायों को नमस्कार,  जग में जितने साधुगण हैं, मैं सबको वन्दू बार-बार ।। ऋषभ, अजित, सम्भव, अभिनन्दन, सुमति, पदम, सुपार्श्व जिन राज।  चन्द्र, पुष्प, शीतल, श्रेयांस, नमि, वासुपूज्य पूजित सुर राज।  विमल-अनन्त-धर्मजस उज्ज्वल, शान्ती-कुन्थु-अर मल्लि नाथ ।।  मुनिसुव्रत, नमि, नेमि, पार्श्व प्रभु,

Mahavir Swami

Hum Vinay Sunane Aaye Mahavir

महावीर तुम्हारे चरणों में  (तर्ज दिल लूटने वाले जादूगर … मदारी) हम विनय सुनाने आये हैं, महावीर तुम्हारे चरणों में।  मन सुमन चढ़ाने आये हैं, महावीर तुम्हारे चरणों में ।। तुम ज्योतिपुंज तुम दया निधि, हम दीन हीन संसारी हैं। दुःख पीड़ित 2 हैं हम पड़े हुए, महावीर तुम्हारे चरणों में ।।। ।। हम विनय

Mahavir Swami

Jhule Palane Me Jhule

श्री महावीर स्तवन झूले, पलने झूले  (तर्ज बच्चे मन के सच्चे ….. दो कलियाँ) झूले, पलने झूले, सारे जग के तारण हारे। इन्द्र इन्द्राणी हर्ष मनाये, आकर द्वार तुम्हारे ।। झूले चेत सुदी तेरस का दिन, हर्षित मात-पिता सब जन। चारों दिशी मंगल छाया, सबने सुर सरगम पाया ।। देव दुंदुभि बजने लगी, छुम छुम

Adhyatmik, Nirgun, Vairagy

Ab Lagale Lagan

अब लगाले लगन (तर्ज तुम से लागी लगन ……) अब लगाले लगन, कर प्रभु का भजन,  चेत प्राणी। बीती जाय तेरी जिन्दगानी। । टेक ।। किसको कहता है पगले तू अपना,  यह तो संसार का झूठा सपना। है न कोई सगा, आखिर देंगे दगा, बहता पानी ।। बीती जाय तेरी जिन्दगानी । ।। ।। यह

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