Vivah Ke Bad Badhawe
यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. बिनणी आने पर वधावा 1 घोडा री बाज रही खुरताल, बैल्याां रा बाज्या सैया टाली टोकरा जी ज्यान महे तो लाख बधाई दद्या कोई न बताव ए गजानन्द जी न आंवता जी राण्या थे
