Mataji Ki Aarti
यह पारंपरिक भक्ति शैली में रचा गया गीत है। A song in traditional devotional form. ॐ कर्पूर गौरं करूणावतारं, संसार सारं भुजगेन्द्र हारं । सदा वसन्तं हृदयार्विन्दे, भवं भवानी सहितं नमामि ।। ॐ जय अम्बे गौरी, हो मैय्या जै मंगल मूरती, हो मैय्या जय आनन्द करणी । तुम को निश दिन ध्यावत, हरि, ब्रह्मा, शिवरी
