कभी वीर बनके, महावीर बनके
लय : कभी दुर्गा बनके…
कभी वीर बनके, महावीर बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-२ ॥ध्रुव॥
१. तुम ऋषभरूप में आना-२, तुम अजितरूप में आना-२, संभवनाथ बनके, अभिनन्दन बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-२॥
२. तुम सुमति रूप में आना-२,
तुम पद्म रूप में आना-२, सुपार्श्व बनके, चन्द्र प्रभु बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-२॥
३. तुम सुविधी रूप में आना-२,
तुम शीतल रूप में आना-२,
श्रेयांस नाथ बनके, वासुपूज्य बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-२ ॥
४. तुम विमल रूप में आना-२,
तुम अर रूप में आना-२,
धर्मनाथ बनके, शांतिनाथ बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-२॥
५. कुंथु नाथरूप में आना-२,
तुम अनंत रूप में आना-२, मल्लिनाथ बनके, मुनिसुव्रत बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-२ ॥
६. नमिनाथ रूप में आना-२
नेमीनाथ रूप में आना-२ पार्श्वनाथ बनके, वर्धमान बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-2