Jain Mantra

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Aatm Raksha Kawach

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. आत्म-रक्षा कवच आत्म-रक्षा कवच द्वारा स्वयं को आरक्षित करने पर बाहरी आघात, यात्रा में आकस्मिक दुर्घटना, शत्रु का प्रहार आदि से स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है। प्राचीन जैन मंत्र शास्त्र के अनुसार आत्म-रक्षा-कवच बनाने की विधि इस प्रकार […]

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Anashan, Santhara Lene Ki Vidhi (संथारा)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. अनशन (संथारा) अनशन की पूर्व भूमिका को संलेखना  कहते हैं। संलेखना से आत्मा को शुद्ध कर ने के पश्त्चात  शारीरिक क्षमता व मनोबल देखकर संथारा (अनशन) किया जाता है। संथारा दो प्रकार का होता हैं:- १. सागारी संथारा (थोड़े काल

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Barah Bhawna

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. बारह भावना १. अनित्य भावना  राजा राणा छत्रपति, हाथिन के असवार ।  मरना सबको एक दिन, अपनी-अपनी बार ॥ २. अशरण भावना दल-बल देवी देवता, मात-पिता परिवार ।  मरती बिरियां जीव को, कोई न राखनहार ॥ ३. संसार भावना दाम

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Bhikshu Ashtkam (Aachary Mahapragya Ji)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. भिक्षु अष्टकम् (आचार्य महाप्रज्ञ) १. अकम्पः संकल्पः क्वचिदपि न केनापि चलितः,  न चित्ते चांचल्यं न च विपथगामीन्द्रियगणः।  समं सोढा गालिः क्वचन घनमुष्टेः प्रहरणं,  प्रसन्ना त्मा भिक्षुर्नयनमवतारं नयतु मे ॥ तेरापंथ के आद्यप्रणेता आचार्य भिक्षु दृढ संकल्प के धनी थे। कोई

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Dipawali Poojan Jain Vidhi Se

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. दीपावली पर्व पूजा (जैन विधी से) “आवश्यक-सामग्री” अक्षत (चावल) कुंकुम, मोली, गुड़, जल-कलश, अगरबत्ती, पटृ, सिक्के, लाल वस्त्र, घृत का दीपक, थाल एवं मंगल-भावना यंत्र आदि। विधिः सर्व प्रथम पूर्वाभिमुख होकर “मंगल भावना-यंत्र को उचित स्थान पर स्थापित करें। थाल

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Ghantakarn Mantra. &Chinta Mani Parshvnath Stotram

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. घंटाकर्ण मंत्र १. ॐ घंटाकणों महावीरः सर्वव्याधि-विनाशकः । विस्फोटकभयं प्राप्ते, रक्ष रक्ष महाबलः ॥ २. यत्र तवं तिष्ठसे देव! लिखितोऽक्षर-पंक्तिभिः । रोगास्तत्र प्रणश्यन्ति, वातपित्तकफोद्भवाः ॥ ३. तत्र राजभयं नास्ति, यान्ति कर्णेजपाः क्षयम् । शाकिनी-भूतवेताला, राक्षसाः प्रभवन्ति नो ॥ ४. नाकाले

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Grah Dosh Shanti Upay

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. ग्रह दोष शान्ति उपाय   तीर्थंकरों के नाम परम मांगलिक है। इनके जाप से शासन सेवक देव (यक्ष)  और देवियां (यक्षी) प्रसन्न  से होते हैं।  संकट निवारण लिए साक्षात् वे उपस्थित भी होते भी हैं प्रतिदिन दिन प्रातः एक आसन में

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Guru Vandana

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. गुरु वन्दना युग प्रणेता, युग प्रचेता, युग पुरुष लो वन्दना  विनयनत बद्धांजलि हम, कर रहे अभिवंदना । धन्य है सौभाग्य तुम से, कुशल अनुशास्ता मिले  दिव्य जीवन पा तुम्हीं से, भव्य शतदल हैं खिले ।  तपो युग-युग धर्म शासक, जयविजय

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Jap Sadhna Vidhi

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. जप साधना विधि १. वन्दे अर्हम. वन्दे जिनवरम्, वन्दे गुरुवरम् से प्रारम्भ । २. दिसा पूर्वाभिमुख, उत्तराभिमुख या ईशानकोण । ३. एकान्त तथा मक्खी मच्छर रहित स्वच्छ स्थान। ४. शस्त्र श्वेत या हल्के रंग के हो। आसन खद्दर या ऊनी।

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Jyotishiy Yog (Kary Karne Ke Liye)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. विशेष सुयोग १. तिथि- २,३,७,१२,१५ वार-रविवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार नक्षत्र-भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वषाढा, चित्रा, अनुराधा, घनिष्ठा, उत्तरभाद्रपद, इनमें तीनों का सुयोग मिलने पर राजयोग बनता है, है, जो विशेष सिाद्धि दायक है। २. तिथि- १,५,६,१०,११ वार- सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार

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