Jain Bhajan

Jain Bhajan

1. Samvtsari Par 2. Shama Yachna Geet

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्व संवत्सरी मनाते चलो (तर्ज : जोत से जोत जलाते चलो)  पर्व संवत्सरी मनाते चलो, सबको हृदय से खमाते चलो बैर विरोध भुलाकर सभी, सबको गले से लगाते चलो  पर्व संवत्सरी मनाते जीवन में है द्वेष घृणा का घोर अन्धेरा छाया मोहमाया की रंगरलियों […]

Jain Bhajan, Paryushan

Aayo Jain Jagat Ro Pramukh Parv Samvatsari Re (paryushan)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. महापर्व – संगान (लय- माता सीता की गोदी में हनुमत डाली मूदंडी) आयो जैन-जगत रो प्रमुख पर्व संवत्सरी रे ।  छायो सकल संघ में रंग, धर्म-जड़ हरी भरी रे ।। पर्यूषण पर्व नाम कहायो, भाद्रव महिनो सदा सुहायो, नियमित धवल पक्ष निरमायो, प्रायः पांचम

Jain Bhajan

Ab Saunp Diya Is Jeevan Ka Sab Bhar Tumhara Charno Me

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. अब सौंप दिया जीवन का अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में। है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों में।। मेरा निश्चय बस एक यही, एक बार तुम्हें पा जाऊँ मैं। अर्पण कर दूँ दुनियाँ भर का, सब

Gyanshala, Jain Bhajan

Arham Arham Ki Vandana Fale Gyanshala Geet

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. अर्हम अर्हम  की वन्दना फले । जीवन विकास हो, मन में सुवास हो, देखो दीपक से दीपक जले । विद्या के पावन मंदिर में सच्ची शिक्षा हम पाएं, सदाचार के सुन्दर पथ पर

Jain Bhajan

Arihanto Ko Namskar

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. अरिहन्तों को नमस्कार अरिहन्तों को नमस्कार,  श्री सिद्धों को नमस्कार  आचार्यों को नमस्कार,  उपाध्यायों को नमस्कार,  जग में जितने साधुगण हैं, मैं सबको वन्दू बार-बार ।। ऋषभ, अजित, सम्भव, अभिनन्दन, सुमति, पदम, सुपार्श्व जिन राज।  चन्द्र, पुष्प, शीतल, श्रेयांस, नमि, वासुपूज्य पूजित सुर राज। 

Jain Bhajan, Paryushan

Atma Ki Pothi Padhne Ka Yah Sunder Avasar Aaya Hai

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्युषण गीत सान्निध्य-समणी निर्देशिका डॉ निर्वाणप्रज्ञा आत्मा की पोथी पढ़ने का यह सुंदर अवसर आया है । सोपान यही है चढने का मस्तिष्क मनुज का पाया है। संवत्सर का संदेश सुने निर्मल मन निर्मल काया है। 1. जीवन की पोथी के पहले, पन्ने में

Jain Bhajan, Paryushan

Barse Bhadudo Rim Jhim (paryushan Parv)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. बरसै भादूड़ो रिमझिम रिमझिम (लय-अपने पिया की…) मिलजुल कर आज सारा पर्युषण मनावां । बरसै भादूड़ो रिमझिम रिमझिम । धर्म जगावा आवो पर्युषण मनावां ।। आं ।। जैन धर्म रो महापर्व ओ शुभ संदेशो ल्यायो है । मोह नींद स्यू जागो लोगां सुंदर अवसर

Jain Bhajan

Bhavo Bhawna, Nirgun Geet

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. भावे-भावना-आचार्य तुलसी भावे भावना, मन मोद न मावे रे ।। मुगती रा मारग प्रभु च्यार बतावै रे तिण में भावना अग्रेस कहावै रे ॥ भावे — जो दान शील तप आदरणी नी आवे रे। तो आ एकली शिवपुर पहुँचावे रे… जो दान शील तप

Jain Bhajan

BhavSagar Par Lagata Hai Mahamantra Navkar Jain

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. महामंत्र नवकार (लय- कैसी वह कोमल काया रे)  भव सागर पार लगाता  है, महामंत्र नवकार । बिगड़े सब काम बनाता है महामंत्र  नवकार ।।  हर पल यह मंगल करता सारी दुविधायें हरता  भय मन से दूर भगाता है,  महामंत्र नवकार  यह मंत्र बड़ा उपकारी,

Jain Bhajan

Bhor Bhor Uth Kar Prabhu Ne Sumirle

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. मंगल स्तुति (लय : बादळियो..) रचयिता : साध्वी जतनकुमारीजी भोर-भोर उठ कर प्रभू भोर-भोर उठ ‘कर प्रभू नै सुमरलै भव-जल तूं तर ज्यावैला ओ , मनवा ।  प्रभू नाम च्यांनणिये स्यूं आंगणियै नै भरलै,  अंधियारो मिट ज्यावैला, ओ मनवा ।। १. ऋषभ, अजित, संभव,

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