मै विदित
परदादोसा श्री केसरी चन्द जी से आर्शीवाद लाया हूँ
दादोसा श्री घनश्याम जी दुगड़ का Address पूछ कर आया हू
मैं अकेला नहीं मेरे साथ बहन मायशा भी आयी है!
हमारे आगमन से दुगड़’ कुल में खुशिया छाई है
मैं अपने पापा मम्मी प्रशांत
और दीपिका जी का राजदुलारा हूं चाचू योगेश दर्शन और लोकेश
जी का प्यारा हूँ सृष्टि अर्चना सुहानी मनीषा
पूनम जी मेरी भूवासा है मै पढू लिनु विनम्र बनू यही इनकीआशा है
पुष्पा जी, शांता जी जयाजी भुवादादीसा है मेरी
मंगल (शुभ) भावों से सजायेगीदुनिया मेरी।
मेरो पड़दादीसा मांगी देवी स्वी सीढ़ी चढ रही है आज मेरा तो रोम-2 पुलकित है खिलै खिले हैं भाग्य
मेरे पापा ने भी अपनीपडदादीसा को स्वर्ण सीढ़ी पर चढ़ाया
मैहूँ बड़भागी उसी परंपरा को मैंने भी आगे बढ़ाया
अब यही है मंगल कामनाखुशहाल रहे परिवार
सभी बड़ो से यही प्रार्थना देदोमुझको आर्शीवाद