(तर्ज: कब तक चुप बैठे,)
कोई खेल नही है, करना तप-आराधना
तन-मन रसना को वश करना, और साधना, 4-2
जो साधे, निश्चित पाता मुक्त्ती धाम ना,
सुख साधना- आराधना।
तपस्वी तेरी हिम्मत, बेजोड़ अनोखी निराली
,जिन-शासन को चमकाया गुरु किरपा पक्की जिसकी
है धारना, सुख साधना, आराधना
श्रीसंघ की शान बढाई, परिवार में खुशीया , छायी, तपसे ये चमकता चेहरा, है प्रेरणा मन मे लाई,
करे आओ मिलके तपस्वी के गुण-गान ना
सुख साधना, आराधना ।