कृष्ण भजन
★ नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविन्दा ।
श्याम सुन्दर मुख चंदा, भजो रे मन गोविन्दा ॥
* तुं ही नटवर, तुं हीं नागर, तुं ही बालमुकुन्दा ।
भजो रे मन गोविन्दा ।। नटवर—
★ सब देवन में कृष्ण बड़े है, ज्यों तारा विच चंदा
भजो रे मन गोविन्दा । नटवर—
* सब सखियन में राधाजी बड़ी है। ज्यों नदियों बीच गंगा । भजो रे मन गोविन्दा ॥
नटवर—
* ध्रुव तारे, प्रहलाद उबारे, नरसिंह रूप धंरता,
भजो रे मन गोविन्दा । नटवर—
* कालीदह में नाग ज्यो’ नाथों, फण-फण निरत करतां ।। भजो रे मन गोविन्दा ||
* कृन्दावन में रास रचायो, नाचत बाल मुकुन्दा ।
भजो रे मन गोविन्दा ॥ नटवर—
* मीरा के प्रभु गिरधर नागर, काटो जनम का फंदा । भजो रे मन गोविन्दा || नटवर—