तेरापथ हमको प्यारा
पल पल अधरों पर नाच रहा है भिक्षो! नाम तुम्हारा तेरापथ हमको प्यारा ॥
१. हम हैं आभारी भिक्षु चरण के मिला हमें जिन शासन दुर्लभ चिंतामणि रत्न तुल्य सम्यक्त्व रत्न आराधन भव सागर में डूब रहे उन सबको मिला किनारा ॥
२. भीषण कानन में साहस से चल पड़े भिक्षु अलबेले। जब सत्य हुआ उद्घाटित तुमसे, अनगिन संकट झेले। अतुल धैर्य, मजबूत मनोबल, आखिर हुआ उजारा ॥
३. प्रभु महावीर की वाणी पर था दिल से सहज समर्पण समता ऋजुता मृदुता का संगम, जीवन निर्मल दर्पण। जन-जन को प्रतिबोध दे रहा दर्शन आज तुम्हारा ॥
४. दीपां माता के नन्दन अपनी सूरत हमें दिखाओ। मन मंदिर हमने स्वच्छ किया है एक बार तो आओ। तुम हो नैया खेवनहारे, तेरा सबल सहारा ॥
(तर्ज: जहां डाल डाल पर)