(तर्ज : जन्म जन्म का साथ./
जन्म जन्म का साथ है, हमारा तुम्हारा, तुम्हारा हमारा। करेगें सेवा हर जीवन में, पकड़ो हाथ हमारा।
जब भी जन्म मिलेगा, सेवा करेंगे तेरी। करते हैं तुमसे वादा, शरण रहेगें तेरी।। हर जीवन में बनकर माता, देना प्यार तुम्हारा ।।1।।
दुनियां बनाने वाली, ये सब है तेरी माया। सूरज चांद सितारे, सबको तूने बनाया।। फस ना जाऊं इस माया में, आशीर्वाद तुम्हारा ।।2।।
जब से होश संभाला, तबसे हमने जाना। तेरी भक्ति ना मिले, जीवन व्यर्थ गंवाना।। फिर तो ये इंसान जगत में, फिरता मारा मारा ।।3।।
जन्म – जन्म का साथ