(लय – दो दिवाने दिल के चले है देखो मिलके)
लेकर मैया का श्रृंगार करती माँ की जय जय कार
चलकर आई में आई मैया के दरबार -2
लाल-लाल चोला माँ की लाल-चुन्दरी
माथे की बिदिया लाई हाथों की मुंदरी -2
गलेका लाई नौलख हार,
करती करती माँ माँ की की जय-२ कार-2
चुन चुन फूलो की माला बनाई,
प्यार से मैने मा के गले पहनायी-2
हो चूड़ी लायी मीने दार करती माँ की जयजयकार -2
सोने का मैया में छतर चढ़ाऊ,
कानों में माँ के झुमके पहनाऊ.
चुनड़ी लाई गोटेदार, करती माँ की जय कार 1