Mere Shyam Meri Bigadi Banana

।। श्री श्याम वन्दना ।।

(तर्ज-परदेशियों से ना आँखिया…)
 मेरे श्याम मेरी बिगड़ी बनाना, 
नैया भंवर में है पार लगाना ।। टेर।।
जिसने तुम्हारा नाम पुकारा, 
उसको दिया था तुमने सहारा, 
मुझ निर्बल की भी लाज बचाना ।।१।।
इक पथ मोह है, इक पथ माया,
 जाऊँ किधर मैं राह न पाया, 
तुमही आकर मुझे राह दिखाया ।।२।।
तुमसे आस लगी है भगवन, 
काट दो मेरे पाप के बन्धन, 
भीड़ पड़ी है ना देर लगाना ।।३।।
छोड़ के ये दर किस दर जाऊँ, 
कौन है अपना किसको सुनाऊँ,
 ‘रतन’ है मतलब का ये जमाना ।।४।।

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