भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, होरही जय जय कार मंदिर विच आरती जय मां,हे दरबारा वाली आरती जय मां,ओ पहाड़ा वाली आरती जय मां ।
१.काहे दी मैया तेरी आरती बना वा, काहे दी पावा विच बाती मंदिर विच, आरती जय मां ।
सुहेल चोलिया वाली,आरती जय मां हे पहाड़ा वाली आरती जय मां,।
२.सर्व सोने दी तेरी आरती बनावा,अगर कपूर पावा बाती मंदिर विच,आरती जय मां।हे मां पिंडी रानी आरती जय मां
३.कौन सुहागन दिवा बालियां मेंरी अम्बे ,कौन जागेगा सारी रात मंदिर विच,आरती जय मां।
हे मां त्रिकुटा रानी आरती जय मां।हे पहाड़ा वाली आरती जय मां।
४.सर्व सुहागन दिवा बालियां मेंरी अम्बे,ज्योंत जागेगी सारी रात मंदिर विच, आरती जय मां, हे मेरी अम्बेरानी आरती जय मां
५.जुग जुग जिए तेरा जमुए दा राजा, जिस तेरा भवन बताया मंदिर विच आरती जय मां। हे मेरी अम्बे रानी आरती जय मां,
६.सिमरन चरण तेरा ध्यानु यश गावे, जो ध्यावे
सो ही फल पावे,राख वाणे दी लाज मंदिर विच आरती जय मां ,सोहनया मंदिरा वाली आरती जय मां