Bhikshu Swami

Bhikshu Swami

Kelawa Ke Yogi Tere Nam Ka Sahara Hai

केलवा के योगी तेरे नाम का सहारा है  नैया मझधारा में  है दूर किनारा है  तेरे ही हवाले अब जीवन हमारा है।।   मरूधर की माटी की ये अजब निशानी है  भिक्षु की जीवन गाथा प्रेरक कहानी है। देश में परत‌न्त्रता का हो गया प्रवेश था।  शिथिल विचारों से धर्म निस्तेज था?  मारवाड़ी भूमि से वही […]

Bhikshu Swami

Terapanth Ka O Savriya

(तर्ज -वृंदावनका   कृष्ण कन्हैया ) तेरापंथ का ओ सांवरिया जनजीवन का रखवारा  मर्यादा पुरुषोतम भिक्षु जग की नैया खेवन हारा युग का नेता ,युगका वेता ,युगका सर्जनहारारे।  युग पर छाप आपकी रखकर तू सुरधाम सिधारारे  जग ‘तेरा इतिहास गा रहा तूने कैसा जादू डारा रै तेरा संयम तेरी दृढ़ता जगमग जीवन‌ तेरा रे  वही रचना

Bhikshu Swami

Om Bhikshu Om Bhikshu Japo Sada

(लय- परदेशी परदेशी ) ॐभिक्षु ऊं भिक्षु  जपो सदा-२ चाह फले मुक्ति मिले है नाम मंगल कारी विघ्न बाधा हारी  विघ्न बाधा हारी इसने लाखो नैया तारी ऊं भिक्षु ऊं भिक्षु जपो सदा-२  असहायों का भिक्षु नाम सहारा है।  घोर अमा में करता-दिव्य उजारा है  ॐ भिक्षु पंगु को पहाड़ चढ़ाता है  मूक मनुज को

Bhikshu Swami

Ud Ud Re Man Dev Lok Me

 (लय- उड़ उड़ रे म्हारा काला रे कांगला) उड उड रे -३मन देवलोक में ,भिक्षु रा दरशण कर आवा-२ १.गाँव कंटालिये म अवतरियो ,ज्ञान सुधास्यू घटने भरियो सुधरी स्यू निज पथ न वरियो, उण पथ म्हे चलता जांवा भिक्षु रा दरशण कर आवा-२  ② आगम ने आधार बणायो शुद्ध साध रो रुप जणायो  तेरा पंथ

Bhikshu Swami, Guru

Dena Hai To Dijiye Janm Janm Ka Sath

देना है तो दीजिये जन्म 2 का साथ  मेरे सिर पर रखदो गुरु वर अपने ही दोनो  हाथ झुलस रहे हैं गमकी धूप में प्यार की छैंया करदे तू  बिन पानी के नाव चलेना । अब पतवार पकडले तू  मेरा रस्ता रोशन करदे छाई अंधियारी रात इस जनम में सेवा देकर  बहुत बड़ा अहसान किया 

Bhikshu Swami

Man Se Pukaru

मन से पुकारूं भिक्षु… (लय-तुम्हीं मेरे मंदिर…) मन से पुकारूं, वचन से पुकारूं, कहां पे मिलोगे (भिक्षु), कहां पे मिलोगे। दिन में न भूलूं, रात में न भूलूं,  सुधि कब लोगे (भिक्षु), सुधि कब लोगे ।। आं।। ढूंढ़ रही हूं तेरी, कब से नगरिया।  तुमसे मिलूं मैं कैसे, बता दो डगरिया।  सुनो टेर मेरी, कर

Bhikshu Swami

Bhikshu Tera Nam Taran Hara

(लय- कोरा कागज था ये मन मेरा) भिक्षु तेरा नाम तारनहारा तेरे चरणों में ये जग ,सारा-2 दीप दुलारे प्यारे संघ सितारे ।  निश दिन रहते हो, साथ हमारे। बलिहारी मै जाऊ पाऊं दरश तुम्हारा भिक्षु तेरा नाम तारनहारा तेरे चरणों में ये जग ,सारा- ② बलिदानों की अमर कहानी  कष्टों में भी अलख जगाई

Bhikshu Swami

Swamiji Jhanan Jhanan Si Jhan Jhanat Si Ru Ru Lage Re

स्वामीजी । झणण, झणण, झण, झण झणाट सी रूं रुं लागे रे,  सिरियारी समाधि पर कोई सगती जागे रे ।। स्थायी ।। सुई पाग में टांगतो, बोल्यो दरजी हुसियार।  अबतो देरी बाबाजी री, म्हारो काम सो त्यार ।।1।। स्यामीजी पद्मासन पर विराज लीन्हो, काउसग मुद्रा ध्यान।  आपां रै अब कैरी देरी ? कहतां छोड्या प्राण।।2।।

Bhikshu Swami

Kahe Kishnoji Chal Chal Bharimal

कहै किशनोजी चाल-चाल भारीमाल, भीखणजी थारे कांई लागे  काढे आंख्यां लाल-लाल भारीमाल ,भीखणजी थारे कांई लागे  खींच बावड़ियो झाल चाल भारीमल ,भीखणजी थारे कांई लागे अट्ठारै सै चोकै मंगल आखातीज जलम थांरोपांच बरस रो छोड़ मरी थारी मां दूजो कुण साहरो  कितो दोरो पालर मोटो करयो जीव जाणे म्हारो  तूं भावी री ढाल नाव री

Bhikshu Swami

Bhikshu Bhikshu Ghat Ghat Me

(लय-नैतिकताकी सुर सरिता में ) भिक्षु भिक्षु घट घट में-२ बाबो छिप्यो हुयो है मन की, पावनता रे पट में, भिक्षु भिक्षु घट घट में-२ मुख में भिक्षु, मन में भिक्षु, भिक्षु है आंख्यां में।  गण रे हर अंकुर पल्लव में, भिक्षु है पांख्यां में।  कठै नहीं है बाबो बोलो, घर-घर में मरघट में। जल

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