पन घट ऊपर आयारे बीराजी ,सारो गांव सरायों रे
बीरो म्हारो आयो रे आओ हे म्हारी सखी सहेल्या वीरबधावा ऐ, वीरो म्हारो आयो रे
बागा माही आयां बीराजी, मालण बीर सरायो रे
आओ एम्हारी सासु नणदल बीर बधावा ऐ,
वीरो म्हारो आयो ऐ
बागा माही बोल रे पपीहा नाचे दादुर मोर
भाई, भतीजा भावज म्हारो कालजिय री कोर
बाबासा और मायड़ उबा मोहरा वारे रे
बीरों म्हारो आयो रे
घणा दिना सूम्हान मिल्यो है भाई बहन रो प्यार ,
लूल-2 जाऊ बीरा न मनाऊ मन म्हारो हरखाव,
नौ मण मिश्री घोल बीरा जी ने शरबत पावारे
बीरो म्हारो आयो रे