गौर का गीत 1
• बाडि बाड़ि बाडुल्या म्हरा भवँरा रे, बाड़ि में बैठलो कुण ।
बैठ इसरदास पातलो म्हार भवँरा रे, ल्याय झोली भर फुल ।
आधा रावल देवला म्हारा भवँरा रे, आधा गौरां दे रि सेज ।
सेज विछावन्ता यूँ केव म्हारा साहब ओ, म्हान अगड़ घड़ाय ।
अगड़ घड़ांऊ म्हारी बेना न सुन गौरी ए, थान नौसर हार ।
इतरो सुण गौरी रुस गई म्हारा भंवरा रे, दौड़ी पिवरीय जाय ।
लार सु कानीराम निसर्यो म्हारी भावज ए, म्हारी मनायां घर चाल ।
थांरी मनायां ना चालु म्हारा देवर ओ, बडोड़ा बिराजी न भेज ।
बडोड़ा बिराजी चाकरी म्हारी भावज ए, म्हारी मनायां घर चाल ।
लार स्यूं ईसरदास निसर्या सुण गोरी ए, पाछी घरा न पधार ।
काँची कामण कामडी म्हारा भँवरा रे, सड़ड़ सड़काई दोय र चार ।
कदे न रुसु रुसना सुन साहेब ओ, कदेइन न जाऊं म्हार पीर ।
भल भल रुसो रुसणा सुन गोरी ए, भल भल जावो थार पीर ।
एकर जास्यूं बाप र सुण साहेब ओ, ल्यास्यूं अगड़ घड़ाय ।
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गौर का गीत2
गौर तिहारोड़ देश में ए, चोखी सी रोली होय ।
टिका लगावां गौवरल पुजतां ए, बा म्हार ईबछल होय ।
गौर तिहारोड़ देश में ए, चोखी सी मौली होय ।
बा म्हे बांधा गौवरल पुजतां ए, बा म्हार ईबछल होय ।
गौर तिहारोड़ देश में ए, चोखी सी नथली होय ।
बा म्हे पेरां गौवरल पुजतां ए, बा म्हार ईबछल होय ।
(इसी तरह टीकी, मेहन्दी, चूड़ी, चूनड़, पायल आदि नाम लेना)
बधाओ3
म्हार ईशरदास ओर कानीराम दोन्यु सारीसा बाई रोवां ए लाला बिचली, बाई सोंवा ए हीरा विचली लाल
माली का जी मरवा अमर बधाओ जी म्हारी गोर रो आगे इसी तरह सभी भाई, बहन के नाम ले लेवे।
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बधावों. 4
चांद चढ्यो गीगनार किरत्यां ढल रही जी ढल रही।
चाल बाई रोवा घर पधार, माउजी मारला जी मारला ।
चाल बाई सोवा घर पधार, माउजी मारला जी मारला ।
बाबोसा देवला गाल, बडोड़ो बीरो बरजला जी बरज ला ।
मतीद्यो म्हारी बाइ न गाल, म्हारी बाई चिड़कोली जी चिड़कोली ।
आज उठ प्रभात तडक उड़ ज्यासी जी उड़ ज्यासी ।
गोर्या रा दिन है चार जवांइड़ो ले ज्यासी जी ले ज्यासी ।
(इसी तरह सभी लड़कियों के नाम लिए जाते है।
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