पिया आओ तो ,
बाटड़ल्या थारी जोवती म्हारी आंखड़ल्या दिनरात i
आओ म्हारा साईबा तो कोई करल्या मनडे री बात ii
पिया आओ तो ,हो जी पिया आओ तो मनडे री बात करलया
पिया आओ तो
था की बातड़ल्या म आज पूरी रात करल्या -२
पिया आओ तो
आज्या रे आज्या रे मतवाला ढोला आया सरसी
मनडे री प्यास तो बुझाया सरसी -२
पिया आओ तो
परदेसी थारी ओल्यू घणी आवे-२ पागल मन न कुण समझावे
पायल छम छम शोर मचावे -२
हाथा रा कंगना थाने ही बुलावे
चंदा चांदनी सो थांको महाको साथ करलया, चंदा चांदनी सो,
थांकी बातड़ल्या में आज पूरी रात करल्या -२
पिया आओ तो ———
आज्या रे आज्या सारी रात करलया रे मतवाला ढोला आया सरसी
सावणीय म लेहरियों रँगाया सरसी -२ पिया आओ ——-
रुत या बसंती ,बीत्या ही जावे -२ था बिन घडी एक नींद न आवे
सिली -सिली राता मे पिया याद आवे -२
कुण म्हाने आय गले स्यु लगावे ,झीणी रात म, होजी ठंडी रात में
म्हे थासु मुलाक़ात करल्या ,ठंडी रात में
थाकि बातड़ल्या म आज पूरी रात करल्या पिया आओ तो। ……
आज्या रे आज्या रे मतवाला ढोला आया सरसि, गौरी धन ने हिवड़े लगाया सरसी
पिया आओ तो ————