Bandh Kesriya Pag Bhai

(तर्ज – फूल तूम्हे भेजा है…)
बांध केशरीया पाग, भाई थांरा भात भरणन आया है, भाइ भतीजा, बहन भाणजा, भावज साग ल्याया है ॥ हशी खुशी गाजे बाजे स्यूं, मायरो ले आया है,
 मारी जायी बेनड़ चूनड़, थारे खातिर ल्याया है,
 कठे छीपी म्हारी मांरी जाई, अब क्यू तू तरसावै है ॥
 करे आरती री तैयारी, रस्म भातरी पूरी हुई, 
नैन बिछाये पीहर थारे, सब तैयारी पूर्ण हुई,
 धुमधाम स्यूं ल्याया माहेरो, गुंज उठी नभ शहनाई ॥
 रहे सलामत जोड़ी थांरी, हंशी खुशी सुख चैन रहे, 
पथ मे कांटे कभी ना आये, सब दूवीधांयें दूर रहे, 
देवे स्नेह आशीष हृदय से, अमर रहे जोड़ी थांरी ॥ ***

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