Peelo (Namkaran Geet)

पीलो

पांच मोर रो साहिबा पोत मंगावो जी कोई हाथ पचीसां गज तीसा गाढ़ा मारुजी, पीलो रंगा‌द्यो जी ।
राय आंगण बीच सायबा रली ए घलाबोजी, कोई आप लसकरीया बैठ रंगावो गाढ़ा मारुजी पीलो रंगावो जी 
जयपुर शहरको सायबा बनारो बुलावो जी, कोई दिल्ली रो रंग रेजो बुलावो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी ।
अल्ला तो पल्लां सायबा बन्दण बंधावो जी, कोई बिच बीच चान्द छपावो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी ।
अपरी जोड़ी रो सायबा छैल बुलावो जी, कोई दे फटकारा सुखावो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी ।
आरी तारी रो सायबा जाल घलावो जकोई घूंघट पर घुघरा लगावो गाढ़ा मारुजी पिलो रगावो जी।
रंग्यो ए रंगायो जच्चा ह्यो रे तैयारी जी, कोई जच्चा न परद म पकड़ावो गाढ़ा मारु जी, कोई पाटा पर बैठीन ओढाबो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
पीलो तो ओढ़ म्हरी जच्चा पाटा पर बैठी जी, कोई पंडीतजी बहुत सराया गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
पीलो तो ओढ़ म्हारी जच्चा जलवा जी पुज जी. कोई सगलो ही शहर सरायी गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
पीलो तो ओढ म्हारी जच्चा रसोयां पधारी जी, कोई दीवर जीठाण्या मुख मोड्‌यो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावी जी।
थे ओ भाभीजी म्हारा कांई मुख मोड़ो जी, कोई पीलो म्हार पीवरीय स्यं आयो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
पीलों तो ओढ़ म्हारी जच्चा महल पाधरी जी, कोई लोड़ी सोखड़ की निजर लागी गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
आख्या नहीं खोल म्हारी जच्चा मुखड़ नही बोल जी, कोई जच्चा रो राजीन्दा बिलख्यो डोल गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी ।
पुर्णीया शहर को सायवा वैध बुलावो जी, कोई जच्चा री नाड़ दिखावो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
ताव नहीं छ जच्चा न तायपो नहीं छ जी
कोई लोड़ी सोकड कि नीजर लागी गाढा मारुजी पिली रंगावो जी।
लोड़ी सोकड़ न सायबा उर रे बुलावो जी, कोई जच्चा र थुथकारों दिरावो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
आंख्या भल खोल म्हारी जच्चा मुखड़ भल बोल जी,
कोई जच्चा रो राजीन्द हरख्यो डोल गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
अपरो चढ़ण को सायबा घुढ़लो बक्सा‌द्यो जी, कोई जच्चा र जीव री बधाई गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी ।
तू रे वैध का बेटा असल ठगोरो जी, म्हारो भोलो सो राजीन्द ठग लीयो गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी।
तू ए सजना री जाई बड़ी ए छीणगारी जी, कोई छल कर वैध बुलायो जच्चा राणी ए पीलो भल ओढ़ो जी ।
म्हे म्हार मारुजी रो मनड़ो सो लीनो जी, कोई प्यारा छांक दप्यारा गाढ़ा मारुजी पिलो रंगावो जी। धीव जाया स्यू गोरी थोडा थोडा प्यारा जी, कोई धेनड़ जायां बहोत पियारी मगानैणी ए पीलो भल ओढो जी ।
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