भोमीयाजी को गीत
सोना रुप रो भोम्या ओबरो, जि ओ झांझर जड्या रे किवाड बारी ओ भोम्या वार नामन
॥सूरज सामो थांरो देवरो, जि ओ ध्वजा रे फरुक असमान, बारी ओ–
घोड़ो बिराज थार नौलखो, जि ओ आप धणी असवार, वारी ओ.
कत लख आव थार बाझड़ी, जि ओ कत लख बालुड़ा री माय, वारी ओ…..
नौ लख आव थार बाझड़ी, दस लख बालुड़ री माय, वारी ओ…..
पुतज मांग बालक बाँझड़ी, अन्न धन्न बालुड़ री माय… वारी ओ.
पुतज देस्यां बालक बाँझड़ी, अन्न धन्न भर्या रे भंडार…… वारी ओ भोम्या.
तीखा तो काढो लुगायां घुंघटा ल्यो थार सुतरा जी रो नाम… वारी ओ भोम्या
चढन चढाव थांर चुरमा और चोट्यां रा नारेल…… वारी ओ भोम्या***
भांग का गीत
भांगसोन रुप रो दोय हलीया मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र बवाद्यो म्हार। राजीन भांग पावो जी सूयं गांया रा दोय बाछा मंगाद्यो जी, सायबा भांगड़ली र बवाढ्यो म्हारा…. जल जमना रा सायबा नीर मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र सिंचाद्यो म्हारा…… सोन रुप रा दोय कसीया मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र चटावो म्हारा झाला तो झाला सायबा छबड़ो मंगावोजी, सायबा चान्दण चौंक सुखावो म्हारा…….. मकराना रो घोटो कुण्डी मंगावो जी, सायबा भागड़ली र घुटायो म्हारा. लोड़ी बड़ी रा दोय चीर मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र छणाद्यो म्हारा…. एक प्यालो सूरज बाबा न पावोजी, एक प्यालो गजानन्द जी न पावोजी बारी राण्या रा भंवरा रसीला, म्हारा राजीन भांग पावोजी एक प्यालो हनुमान बाबा न पावो जी एक प्याला देवी देवता न पावोजी सगला सेवगां रा कारज सारो म्हारा राजीन भाग पावोजी(सगला घर वालों का नाम लेना)***