(फिल्म -सुजाता)
तुम जिओ हजारों साल,साल के दिन हो पचास हजार -2 सूरज रोज आता रहे, रोज गाता रहे लेके किरणों के मेले पल छिन कलिया गिन गिन तेरा हर दिन तबतक रंगों सेखेले
सूरज आता रहे –+
रंग जब तक है बहारों में, तुम जिओ हजारो
यहाँ वहा शाम हो चाहे जहा यू ही झूमे शमा सुनके तुम्हारी बाते
प्यार लिये ,चॉदका टीका लिये, यूही जुगनु लिये चमकेतुम्हारी राते
नूर जबतक बाकी है। सितारों में, तुम जिओ हजारो.