No Lakh Tara Jadi Chunadi

नौ लख तारा जड़ी चूनड़ी झूमती, कोड घणेरो बाई पेर्या पेऱ्यां घूमसी – २
 जयपुर शहर स्यूं बिराजी चूनड़ी मंगाई, भावज बैठर सीतारा जड़ाई – २
मायड़ हरख, दुनिया बहुत सरायसी, कोड घणेरो बाई … समन्दपार स्यूं बिराजी मोती मंगाया, भावज बैठर गजरा पुवाया – २
बाबुल हरख, सब कोई बहुत सरायसी, कोड घणेरो बाई … लंका शहर स्यू बिराजी सोनो मंगायो, भावज बैठर गेणा घड़ाया
मायड़ हरख, सासु बहुत सरायसी, कोड घणेरो
***
(तर्ज – गोरा गोरा गाल …)
आगणीय म आयो बीरो, आंगणीय म आयो 
मायरो रो मान बढायो जी, बीरो म्हारो … हारज भी ल्यायो बीरो रखड़ी भी ल्यायो
बाजुबन्द म हीरा जड़ायो जी, वीरो म्हारो, आंगणीय म …
हथफूल भी ल्यायो बीरो, गजरा भी ल्यायो
तागडी म रतन जड़ायोजी, बीरी म्हारों, आंगणीय ….. साड़ी की ल्यायो  बीरो, घाघरो भी ल्यायो
चूनडी में रतन जड़ायो जी, बीरो म्हारो, आंगणीय
सासुजी र ल्यायो बीरो, जीठाण्या र ल्यायो  
ल्यायो ल्यायो सारा परिवार र बिरो महारो

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