ऽऽ मैय्या देखल्यो सेवा में
(तर्ज : धमाल……)
हो ऽऽ मैय्या देखल्यो सेवा में, थांरा टाबर आया रे, मैय्या देखल्यो.
बालक अपणो जाण कै मैय्या, अपनी शरण में ले ल्यो रे, खोल थांरा दरवाजा मैय्या, दर्शन दे दो रे, टाबर ।। 1 …
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थारै मंदिर की माँ झांकी, म्हानै प्यारी लाग रे, मैय्या थांरी शान निराली, सबसे न्यारी रे, टाबर …
सारे जग री थे सेठाणी, थे ही जग महाराणी रे, मैय्या थांरी शक्ति री महिमा, वेद बखाणी रे, टाबर
देख देख माँ थांरी झांकी, म्हारो मन हरषावै रे, “भक्त मंडल” संग दर्शन करने, सब कोई आवै रै, टाबर ..।। 4 ।।