Mangal Bhavna

मंगल भावना
श्री सम्पन्नोऽहं स्याम् मैं आभा – सम्पन्न बनूँ
ही सम्पन्नोऽहं स्याम्
मैं लज्जा – सम्पन्न बनूँ
धी सम्पन्नोऽहं स्याम्
घृति सम्पन्नोऽहं स्याम्
शक्ति सम्पन्नो ऽहं स्याम्
शांति सम्पन्नोऽहं स्याम्
मैं बुद्धि – सम्पन्न बनूँ
मैं धैर्य – सम्पन्न बनूँ
मैं शक्ति – सम्पन्न बनूँ
मैं शांति – सम्पन्न बनूँ
नन्दी सम्पन्नोऽहं स्याम् मैं आनंद – सम्पन्न बनूँ
तेजः सम्पन्नोऽहं स्याम्
शुक्लः सम्पन्नोऽहं स्याम्
मैं तेज – सम्पन्न बनूँ
मैं पवित्रता – सम्पन्न बनूँ
(बहिनें सम्पन्नोऽहं के स्थान पर सम्पन्नाऽहं का उच्चारण करें।)
A Collection Inspired By Jain Agams

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