तर्ज : थांनै काजलियो.
थारे चरणां शीष झुकावां, थांरो आशीर्वाद म्हे चावां, पावा, मन री मुरादां, थारै द्वार स्यूं ।। हो ऽऽऽ
हो मैय्या…. तीनूं लोकां में थारो राज है, हां राज है, म्हारै मनड़े री एक ही आवाज है, आवाज है, हो थारै, चरणां री सेवा म्हे तो करता जावांलाजी, म्हे…… ढोलक, ढपली, चंग बजावां, थाने मीठा भजन सुणावां ।।
पावा, मन री मुरादां…………
हो थारी, सूरत सलोनी प्यारी लागै जी, हां लागे जी, थारै दर्शन स्यू दुःख दूर भागजी, हां भागजी, हो थारी, महिमा रा गीत म्हे तो, गाता जावांलाजी, म्हें….. हाथां मेंहदी लाल रचावां, पग में पायलियां पहरावा ।।
पावा, मन री मुरादां…………2
हो मैय्या, अर्जी, थे सुण लीज्यो भक्ता री, हा भक्ता री, थांरी शक्ति पर भक्ता नै विश्वास जी, विश्वास जी, हो थारी चोखट पे श्रद्धा रा म्हें दीप जलावाजी, म्हें……. थारे लाल ध्वजा लहरावां, थारे चुनड़ी लाल चढ़ावा थांर चंवर आज दुलावां, थांरे माथे तिलक लगावां ।। पावा मन री मुरादां………….2