तर्ज- उडे जब जब जुलफे तेरी
आंगणिय खुसियाँ छाई,
घर घर में बंटै बधाई
कि म्हार घर आई गणगौर
कि म्हार घर आई गणगौर, सज धज कै
थान ठंडो नीर पीलावां,
घणी हरी हरी दुब चढावां कि सोलह दिन खूब करां
कि सोलह दिन खूब करां,
थांरी जय जय आंगणिय खुशीयाँ …….
सुहागण मंगल गावै,
कोई ब्यावली घुमर घाले कुंवारीया भी अरज करे,
गुणी वर की आंगणिय खुशीयाँ….
कोई काजल टिकी लगावै,
कोई लाल चुनङ लहरावै की इसरजी आसी लेण ने,
बण ठण के आंगणिय खुसीयाँ….