(लय – आज मेरे यार की शादीहै)
करो तुम दया मेरे गणराज – 22
हाथ जोड़ कर करु मै विनती राखो मेरी लाज –
करो तुम दया मेरे गणराज
नजर इस ओर करो तुम ये मेरा जनम सुधारो
सुनो मेरे नाथ गजानन विघ्न सारे, मेरे सारे टारो
जहाँ हो तेरा बसेरा वहाँ सब सुख के उजाले
तुम्ही हा मंगल मूरत अ मंगल हरने वाले-2
तेरे द्वारे आज पुकारू सुनो मेरी आवाज
रिद्धि और सिद्धि लेकर नाचते गाते आओ
रूप ओंकार तुम्हारा, हमें भी दरश दिखाओ
हमारे घर आँगन में सुखो के फूल खिलाओं
सदा जो संग बिराजे माता लक्ष्मी को लाओ-2
प्रथम पूज्य भगवान हमारे-2 देवों के सरताज
कान में कुंडल सोहे, बदन पीताम्बर धारी
शीश पर चंदा साजे, मुकुट में चमके तारे
नयन में बरसे करुणा सभी के भाग्य विधाता
सभी के पालन हारे तुम्ही हो सबके दाता-2
तीन लोक और दसों दिशा में चले तुम्हारा राज
मात गौरी के ललना पिता है भोले शंकर
धूम्र सम काया न्यारी, रूप है कितना है सुन्दर -2
हाथ में लडू धारे, करे मूले की सवारी
तिहारा दर्शन करके तरे सब नर और नारी
शुभ लाभ और ज्ञान प्रदाता-घर में पधारो आज
नाम जो तेरा ध्यावे उसे मिलता है सहारा
दरश जो तेरे करता उसे भव पार उतारा -2
रोग भय दोष हूँ मिटते.तेरे पूजन से, देवा
जनम् के फेरे टलते तेरे सुमिरन से देवा
सबके बिगडे भाग्य बनादो पूरण करदो काज