Ghunghroo Chham Chhama Chham

(लय : ढोला ढोल मजीरा बाजेरे)
घुंघरु छम-छमा छम छन ननननन बाजै रे, 
त्रिशला नन्दन वीर प्रभु, म्हारे हिवड़े बिराजे रे ॥
कुन्डलपुर में जनम्या भगवन, घर घर मंगलाचार,
 देव देवियां मंगल गावे, प्रभु लियो अवतार. ……. घुंघरु ॥१ ॥
त्रिशला नन्दन मंगलकारी, मंगल प्रभु रो नाम,
 वीर प्रभु रो ध्यान धरो, सब मिलकर आठों याम घुंघरु ॥२ ॥
प्रभु अनन्त ज्ञान गुणधारी, सूरत मोहनगारी,
 लाखां लाखां भक्ता री प्रभु, भव स्यूँ नैया तारी घुंघरु ॥३ ॥
संयम रे मार्ग पर चाल्या, कष्ट सह्या अनपार,
 वर्धमान स्यूं वीर बण्या वै, मन में समता धार. घुंघरु ॥४ ॥
दीनानाथ दयालु थाँरी, करूँ आरती देव, 
पावन प्रभु रे चरणां में म्हे, करा हमेशा सेव घुंघरु ॥५ ॥
महावीर रे चरणां में म्हें, वन्दन करां हजार, 
बीच भँवर में पड़ी रे नावड़ी, प्रभु लगा ज्यो पार घुंघरु ॥६ 
॥sसारा मिलकरवीर प्रभु कागावां म्है गुणगान, ‘
अर्हम मंडल ‘अन्तर मन स्यूं, धराँ प्रभु रो ध्यान • घुंघरु ॥७ ॥

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