(लय- म्हारी सुंदर सी बाईसा )
म्हारी बनी चाँद को टुकड़ों, इको उजलो उजलो मुखड़ों बना सूरज जिसा सरूप ,
लाखा में एकहै जोड़ी-2 आ कदे न टूटे तोड़ी
बना सूरज जिसा सरूप लाखा में एक है जोडी
चाँदी सी गौरी है बनी, शहद सरीखी मीठी ,
बना की सूरत के आगे सारी दुनिया फीकी
बनी रूपनगरकी राणी, आगे परिया भरे है पानी
बना रूप नगर का राजा ,लाखा में एक है जोड़ी लाखा में एकहै जोड़ी
एक दूसरे की खातिर दोनू ही बणा है जाणे लागे ,
बनी की खातिर बना के प्रीत हिया में जागे
म्हारी बनी है फूल चमेली खुशबू में रेवे खेली
म्हारा बना फूल गुलाब, लाखा में एक है जोड़ी