ग्रह दोष शान्ति उपाय
तीर्थंकरों के नाम परम मांगलिक है। इनके जाप से शासन सेवक देव (यक्ष) और देवियां (यक्षी) प्रसन्न से होते हैं। संकट निवारण लिए साक्षात् वे उपस्थित भी होते भी हैं प्रतिदिन दिन प्रातः एक आसन में बैठकर जप होते हैं। विशेष लाभके लिये सवा लाख का जप पूर्ण करे
१. सूर्य ग्रह- तेजस् केन्द्र पर (नाभि का भाग) में लाल रंग की माला से पूर्व दिशा मे-ॐ ह्रीं पदम प्रभवे नमः का जप करें
२. चन्द्र ग्रह- विशुद्धि केन्द्र(कण्ठ)पर उतर दिशा में
ॐ ह्रीं श्रीं चन्द्र प्रभवे नमः श्वेत रंग की माला से जप करें
३. मंगल ग्रह- आनन्द केन्द्र पर हृदय के पास दोनों फुप्फुस के बीच का गड्ढ़ा) पूर्व दिशा में लाल रंग की माला से ॐ ह्रीं श्रीं वासुपूज्यप्रभवे नमः।
४. बुध ग्रह- दर्शन केन्द्र पर (भृकुटियों का मध्य भाग) पूर्व दिशा में हरे रंग की माला से-ॐ ह्रीं श्रीं शांतिनाथाय नमः ।
५. बृहस्पति ग्रह- ज्योति केन्द्र पर (ललाट का मध्य भाग) ईशानकोण दिशा में पीले रंग की माला से-
ॐ ह्रीं श्रीं आदिनाथाय नमः
६. शुक्र ग्रह स्वास्थ्य केन्द्र पर (पेडू का मध्य भाग) पूर्व दिशा में श्वेत रंग की माला से-ॐ ह्रीं श्रीं सुविधिनाथाय नमः।
७. शनि ग्रह- ज्ञान केन्द्रः (चोटी का भाग) पश्चिम दिशा में श्याम रंग की माला से-
ॐ ह्रीं श्रीं मुनिसुव्रतनाथाय नमः।
८. राहु ग्रह -शक्ति केन्द्र पर (पृष्ठ रज्जु का निचलासिरा) पूर्व यापश्चिम दिशा में नीले रंग की माला से-ऊं ह्रींश्रीं नेमिनाथाय नमः
. केतु ग्रह -शक्ति केन्द्र पर (पृष्ठ रज्जु का निचला सिरा) पूर्व या पश्चिम दिशा में नीले रंग की माला से-ऊं ह्रींश्रीं पार्श्वनाथाय नमः।