Shimla Nainital, Chhoti Si Mukakat V Any Geet

1

***(तर्ज:- इक परदेशी मेरा दिल………)
शिमला नैनीताल ना अल्मोड़ा जायेगा, चान्द पे बना बनी का जोड़ा जायेगा।
कैसा मन्सुरी और कैसा देहरादून, चान्द पे मनायेंगे वो अपना हनीमुन, दिल ना किसी का वहां तोड़ा जायेगा… चान्द पे दस दस बच्चेहोंगे कोई रोकेगा नहीं, 
आबादी बढेगी कोई टोकेगा नहीं,
दिल ना किसी का वहां तोड़ा जायेगा … चान्द पे
हिमालय और काश्मीर में क्या रखा है, 
साइन्स का चमत्कार देख इरादा पक्का है, 
प्रोग्राम अपना ना बदला जायेगा । 
चान्द पे बना बनी का जोड़ा जायेगा ।
2
छोटी सी मुलाकात प्यार बन गई 
प्यार बन कर गले क – वाह-वाह बनी वाह -3 वाह-
शीश तेरे टीके की अदा, 3 बना वाह -3 
अदा, होश ले  गई रखड़ी की अदा रखड़ी की दा -2 दिल दार बन गई दिलं बनके गले का हान ***
3(तर्ज – तालरीया मगरीया रे)
सुणो प्यारा बनासा ओ, बनड़ी बुलाव थान आज बेगा पधारो म्हार देश, देर क्यूं लगाई ओ – २ शीश बनी के टीका लाना, टीके में प्यारे बना नगीना लगाना कान बनी के कुण्डल लाना, कुण्डल में प्यारे बना हीरा लगाना टीका लेकर जल्दी आना, कुण्डल लेकर जल्दी आना बनड़ी उडीक थान आज, बना थारी याद मं झुर-झुर पींजर होय, देर क्यूं लगाई ओ – २ सुणो प्यारा बनासा ओ
(इसी तरह सभी गेणा का नाम लेणा।
4**हंसती ल्याज्यो जी नवल बना घुड़ला ल्याज्यो जी
ओजी म्हारबणी मेवारी खीर नवलबना जीमर जाज्योजी 
किस विध जीमां ए चतर बनी किस विध जीमां ए ओजी म्हारो आफर ज्यासी पेट, रात न जीव घबरासी ए 
फांकी लेल्यो जी, नवल बना फाकी लेल्यो जी ओजी म्हा तातो पाणी त्यार, चूर्ण की फाकी लेल्यो जी
 महला चालो जी नवल बनी महलां चालो ए 
ओजी थारा घुंघट का पट खोल, जरा सा मुख दिखलाद्यो जी नेग लेस्यां जी चतर बना नेग लेस्यांजी
ओजी म्हेतो लेस्यां गले को हार, हाथ का गजरा लेस्यां जी नेग देस्यां ए चतर बनी नेग देस्यां ए ओजी म्हें तो देस्यां गले रो हार हाथ रा गजरा देस्यांजी 
सोनो ल्याज्यो जी नवल बना हार घड़ाज्यो जी ओजी म्हार बणी मेवारी …
रूपो ल्याज्यो जी नवल बना पायल घड़ाज्योजी ओजी म्हार बणी मेवारी
बनड़ी ल्याज्यो जी नवल बना महल पधारो जी ओ जी म्हार बणी मेवारी खीर नवल बना जीमर जाज्यो जी

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