1.Giga Tharo Palno, 2 .Chandan Ka Hai Palna ,3.Giga Ra Dadaji Dalal

1
गीगा थारो पालणो घला‌दयूं सामी शाल रे, नान्या   थारो पालणो घलादयूं सामी शाल रे आवतड़ा जाँवतड़ा दादोजी झोट्या देसी रे २,
थारी दादयां मंगल गासी रे
हुलरे नान्या हुलरे, तूं दूध पताशा पी रे, थार रेशमरी गज डोर लालजी आंगण नाच मोर।
गीगा थारो पालणो घलादयूं सामी शाल रे २ आवतड़ा र जावतड़ा बाबोजी झोटा देसी रे २ पारी बडीया मंगल गासी रे ।
हुलरे गीगा हूलरे तू दूद्ध पताशा पी रे,
धार सोन रा मादलीयां थार रेशम री गज डोर लालजी आंगण नाच मोर ।
(इस तरह पापा काका भैया सभी नाम लेणा)
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2
(तर्ज – सावन का महीना)
चन्दन का ये पलना रेशमकी लागी डोर, 
धीरे धीरे झुलो ललना पलना है कमजोर । 
सासुजी आये थाल बजाये, थाल बजाई नेग हारज वो मांगे, 
हारज लेलो सासु मचावो मती शोर, 
धीरे धीरे झुलो ललना पलना है कमजोर ।
(इस तरह भाभीसा, दीवरानी, बाइसा का नाम लेना।
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3
हारे गीगा, गीगा र दादाजी दलाल, दलाली टोपी ल्याया रे, हारे हारे दलाली टोपी ल्याया रे । हारे गीगा पेर मन्दीर म जाय, दादीजी न लागे प्यारो रे, हां रे हारे दादाजी न गीगो प्यारो रे । हां रे गीगा गीगा रा पापाजी दलाल …
(इस तरह सभी घरका नाम लेणा)
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