(लय-सलामे इश्क मेरी जान जरा कुबुल करलो)
महकते फूल खुशियों के खिला है रंग अलबेला
हमारे घर में ,आँगन में लगा है आज नतव मेला
स्वागतम की ये घड़िया सुहानी लगे
बड़ा शुभ दिन है आप पधारे यहां
दिल को छू लेने वाले नजारे यहां
मधुरिम् बेल ये आई चहक रहा मन
प्रीत के रंग-2 रंगी ये कहानी लगे
अक्षत कुमकुम सजा करके तिलक करे
मंगल गीतो का गायन, वादन करें
मिलन के ये पल -2 सृजन की निशानी बने
स्नेह दीपो से इस क्षण को उज्जवल करे