Author name: Sunita Dugar

Holi, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Chalo Dekhan Ne, Holi

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations. चालो देखण ने बाईसा,थारो बीरो नाचे रे चालो देखण ने ओहो के चालो देखण ने बाईसा,थारो बीरो नाचे रे चालो देखण ने  बीरो नाचे रे, कि थारो भाई नाचे […]

Marwari Lokgeet, Rajasthani

Chand Chadyo Gignar

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations. चाँद चढ्यो गिगनार चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां ढल आई आधी रात, पीवजी अब तो घरा पधार मारूणी थारी बिलखे छे जी, बिलखे छे चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां ढल आई

Marwari Lokgeet, Rajasthani

Ghoomar

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations. GHOOMAR Ghoomar Lyrics in Hindi/Rajasthani (Devnagri) and English ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ घुमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने रमता ने

Marwari Lokgeet, Rajasthani

Moriya Aachho Bolyo Re

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations. मोरिया आछो बोल्यो रे ढळती रात में मोरिया आछो बोल्यो रे ढळती रात में मोरिया आछो बोल्यो रे ढळती रात में ओ म्हारे हिवड़े में म्हारे हिवड़े में बहगी

Holi, Marwari Lokgeet, Rajasthani

O De Gayo Kagaj Postman

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.          RAJASTHAI LOK GEET KE LYRICS   पोस्टमैन   पोस्टमैन ओ दे गयो कागद पोस्टमैन, म्हारा पीव घर आसी जी  आ शरद पूनम की रात चांदनी रंग

Ganesh Ji, Vinayak

Ganesh Ji Ke Prabhavak Mantra

यह हिंदू देवी-देवताओं का भजन है जो पूजा, आरती और भक्ति कार्यक्रमों में गाया जा सकता है। A Hindu devotional bhajan for puja and aarti. गणेश जी के 5 महामंत्र (वंदना) 1- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥   अर्थ – घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली।

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