Jain Mantra

Jain Mantra

Poushadh Lene Parne Ki Vidhi

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. पौषध परिभाषा  धर्म को पुष्ट करने वाले व्रत-विशेष का नाम पौषध है। एक दिन एक रात के लिए चारों प्रकार के (अशन, पानी, मेवा तथा तांबूल) आहार का त्याग करना अथवा पानी के सिवाय तीन आहार का त्याग करना उपवास […]

Jain Mantra

Roj Pratidin Niyam Le. (Roj Ki Kamayi)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. आँखें बन्द करके एक अंगुली उपरोक्त खानों पर रखें। आँख खोलने पर अंगुली जिस नम्बर पर हो, उस दिन उस नम्बर का त्याग करें। असुविधा हो तो एक चाँस और ले लें। रोज की कमाई नियम तालिकाः १. नमस्कार महामंत्र

Jain Mantra

Samayik Aur Sanvar Path With Aalochana

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. सामायिक साधना  सामायिक पाठ करेमि भंते। सामाइयं सावज्जं जोगं पच्चक्खामि जाव नियमं (मुहुत्तं एगं) पज्जुवासामि दुविहं तिविहेणं न करेमि न कारवेमि मणसा वयसा कायसा तस्स भंते ! पडिक्कमामि निंदामि गरिहामि अप्पाणं वोसिरामि। सामायिक आलोचना पाठ नौंवें सामायिक व्रत में जो

Jain Mantra

Shree Brihad Shanti Stotra

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. श्री बृहत् शान्ति स्तोत्र (संक्षिप्त) ॐ पुण्याहं पुण्याहं प्रीयन्तां प्रीयन्तां  भगवन्तोऽर्हन्तः सर्वज्ञाः  सर्वदर्शिनः त्रिलोकनाथाः,  त्रिलोक-महिताः त्रिलोकपूज्याः त्रिलोकेश्वराः त्रिलोकोद् द्योतकरा। ॐ ऋषभ-अजित-संभव-अभिनन्दन सुमति-पद्मप्रभ-सुपार्श्व-चन्द्रप्रभ-सुविधि-शीन-श्रेयांस-वासुपूज्य-विमल-अनन्त-धर्म-शांतिकुन्धु-अर-मल्लि-मुनिसुव्रत-नमि-नेमि-पाश्र्व वरधमानान्ता जिनाः शान्ताः शान्तिकरा भवन्तु स्हावा। ॐ मुनयो मुनिप्रवरा रिपुविजय दुर्भिक्ष -कान्तारेषु दुर्गमार्गेषु रक्षन्तु वो नित्यं स्वाहा ॐ

Jain Mantra

Shree Pesathiya Yantra

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. श्री पैंसठिया छन्द १.श्रीनेमीश्वर सम्भव स्वाम,सुविधि धर्म शान्ति अभिराम ।  अनन्त, सुव्रत, नमिनाथ सुजाण, श्री जिनवर मुझ करो कल्याण ।। २. अजितनाथ, चन्दा प्रभु धीर, आदीश्वर सुपार्श्व गम्भीर । विमलनाथ विमल जग-भाण, श्री जिनवर मुझ करो कल्याण ।। ३. मल्लिनाथ

Jain Mantra

Shree Vajra Panjar Stotra

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. श्री वज्रपंजर स्तोत्र १. परमेष्ठि-नमस्कार, सारं नवपदात्मकम् । आत्मरक्षाकरं वज्रपंजराभं स्मराम्यहम् ॥ २ ॐ नमो अरिहंताणं, शिरस्कं शिरसि स्थितम् । ॐ नमो सव्वसिद्धाणं, मुखे मुखपटं वरम् ॥ . ३ॐ नमो आयरियाणं, अंगरक्षाऽतिशायिनी ।  ॐ नमो उवज्झायाणं, आयुधं हस्तयोर्दृढम् ॥ ४.ॐ

Jain Mantra

Tulsi Ashtkam (Aachary Tulsi)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. तुलसी अष्टकम् (आचार्य महाप्रज्ञ) १. सदानंदस्पंदः प्रवहति मनोहारिवदने,  प्रशस्तं वात्सल्यं स्फुरति सुखदं नेत्रयुगले ।  विकासे विन्यस्ता विमलविपुला दृष्टिरनिशं,  जगद् वंद्म: स्वामी विशदचरितो नाम तुलसी ॥  जिनके मनोहारी मुख पर सदा आनन्द का स्पन्दन प्रवाहित रहता था, जिनके दोनों नेत्रों में

Jain Mantra

UpsargHar Stotra (Laghu)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. उपसर्गहर स्तोत्र (लघु) (आचार्य भद्रबाहु स्वामी द्वारा विरचित) १. उवसग्गहरं पासं, पासं वंदामि कम्मघणमुक्कं । विसहर-विसनिन्नासं, मंगल कल्लाण आवासं ॥  शासन पर होने वाले उपसर्गों को दूर करने वाला पाश्वं देवता जिनके चरणों में सेवक है, कर्म-रूप सघन बादलों से

Jain Mantra

Vandanpath

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. वंदना पाठ वंदना पाठ तिक्खुतो आयाहिणं पयाहिणं करेमि वंदामि  नमंसामि सक्कारेमि सम्माणेमि कल्लाणं  मंगलं देवयं चेईयं पज्जुवासामि मत्थएण वंदामि। तीन बार दाई से बायी  ओर प्रदक्षिणा करता हूं। स्तुति करता हूं। नमस्कार करता हूं। सत्कार करता हूं। सम्मान करता हूं।

Jain Mantra

Vrihad Mangalpath (Badi Manglik)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. बृहद् मंगल-पाठ प्रातःकाल पूर्वाभिमुख होकर एकाग्रचित्त से अपने आप को मंगलमय अनुभव करते हुए बृहद् मंगल पाठ बोलें। णमो अरहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं । एसो पंच णमुक्कारो, सव्व पावपणासणो । मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं

Scroll to Top