Hindu Deities (हिंदू देवी-देवता)

Mata Ji

Navratro Ke No Dino Me

नवरात्रों के नो दिनों में (तर्ज : जपूं माला……..) नवरात्रों के नो दिनों में, मांग रहा वरदान, पूजा करता रहूं हमेशा, हटे कभी ना ध्यान, जपूं माला, जपूं माला ।। पहला वर भक्ति का देना, मन में तुम्हें बिठाऊं, दूसरा वर शक्ति का देना, काम सभी के आऊ, मात पिता की करूं मै सेवा, तीसरा […]

Mata Ji

Aasoj Ka Mahina Navratri Ki Dhum Dham

(तर्ज : सावन का महीना…..) आसोज का महीना, नवरात्रि की धूमधाम । भक्तो के संग चालो, माँ सांचल के दरबार ।। भक्तो के संग चालो, माँ सांचल के दरबार।। शीश मुकुट माँ के, छत्र विराजै, कानों में कुन्डल माँ के, गले हार साजै। माँ के दर्शन करके, सब भक्त करै जयकार ।।1।। भक्तो के संग…..

Mata Ji

Maiya Ji Se Milne Ka,

मैय्या जी से मिलने का (तर्ज : बाबुल का ये घर….). मैय्या जी से मिलने का, नवरात्री बहाना है, दर्शन करने को हमें, ओसियां जी जाना है ।। सूरज में ढूंढा उन्हें, चंदा में पाया है, तारों की झिलमिल में, मेरी मैय्या का ठिकाना है।। महलों में ढूंढा उन्हें, मंदिरों में पाया है, ओसियां के

Mata Ji

Kabhi Durga Banke Kabhi Kali Banke

कभी दुर्गा बनके, कभी काली बनके  कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैय्या जी, चली आना 2 तुम दुर्गा रूप में आना, सिंह साथ लेके, चक्र हाथ लेके चली आना मैय्या जी, चली आना 2 तुम काली रूप में आना, खप्पर हाथ लेके, योगिन साथ लेके, चली आना मैय्या जी, चली आना 2.

Mata Ji

Durga Hai Nam Tera,”

(तर्ज : कभी राम बनके……) दुर्गा नाम तेरा हे, काली नाम तेरा है, लाज सब की बचाना, मैय्या काम तेरा है ।। जब भक्तों पे संकट है आये, अपने आंचल में हमको सुलाये, दुर्गा नाम तेरा है, काली नाम तेरा है, पार सब को लगाना, मैय्या काम तेरा है ।। 1 ।। तूं तो देती

Mata Ji

Teri Jyot Jalayenge,

तेरी ज्योत जलायेंगे (तर्ज : सौ बार जन्म लेंगें……). तेरी ज्योत जलायेंगे, तेरी महिमा गायेंगें, जैसे भी हो मैय्या, हम तुम को मनायेगे।। तूम दीन दयालु हो, ये जग ने बताया है, जिसे दुनियां ठुकरा दे, उसे गले से लगाया है, हम को भी अपना लो, यही माँ हम चाहेंगें ।। 1 ।। सिर पाप

Mata Ji

Thori Der Aur Ma Thahar Javoji

थोड़ी देर और माँ ठहर ज्यावो जी तर्ज : एक परदेशी थोड़ी देर और माँ ठहर ज्यावो जी, टाबरियां स्यूं बातां थोड़ी कर ज्यावो जी।। आप रै पधारयां म्हारो आँगणो है चमक्यो, भाग्य रो भानूड़ो म्हारो जोरदार दमक्यो, आयोड़ा सिरावण थोड़ो कर ज्यावो जी ।। 1 ।। जाणै री ऊंतावल मैय्या आज क्यूं करो हो,

Mata Ji

Lal Chunariya Odhe Maiya Sunder Lagati Ho

लाल चुनड़िया ओढ़े मैय्या लगती सुन्दर हो (तर्ज : उड़ जा काले कांवा) लाल चुनड़िया ओढ़े मैय्या लगती सुन्दर हो, सजधज कर यूँ बैठी मैय्या, प्यारी लगती हो,  सब के संकट हरना मैय्या सब के कष्ट हरो,  मेरी विपदा टालो मैय्या, अब तो रहम करो, कि आज तू आ जाना, करिश्मा दिखा जाना ।। रूप

Mata Ji

Aayi Re Aayi Kirtan Ki

आयी रे आयी कीर्तन की यह (तर्ज – माई न माई………..) आयी रे आयी कीर्तन की यह, शाम सुहानी आयी, मैयाजी की पावन महिमा, सब भक्तों ने गायी, जय जय माँ-माँ-माँ, सांचल माँ-माँ-माँ।। जय जय माँ-माँ-माँ. शेर सवारी करने वाली, मैय्या मन को भाये, नयनों से अमृत मय झरना, भक्तों पर बरसाये, उस अमृत की

Mata Ji

Khul Jayega Kismat KaTala,

खुल जाएगा किस्मत का ताला (तर्ज : दीदी तेरा देवर……) खुल जाएगा किस्मत का ताला, दरबार मैय्या के चले आना,  बन जाएगा तकदीर वाला, दरबार मैय्या के चले आना।। चमत्कारी ऐसे, मिले ना मिलेंगे, सभी करना तन-मन से, माता की भक्ति क्ड़ी धूप हर दे, घनी छांव कर दे,  अजब इनकी माया, गजब इनकी शाक्ति,

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