यह त्योहार पर गाया जाने वाला पारंपरिक गीत है। A traditional festival song.
लय-एजी हांसा म्हारी (नैणारा लोभी)
चेता में म्हाने गवर पूजण री मन में आवेसा-2
गवरा दे म्हारी किकर आउसा -2
गवरा दे म्हारी रूणक झुणक पायल बाजे सा
महला में बैठा सायब जी तो बरजे सा-2
म्हारी सुन्दर गौरी थांसू करा म्हे मनड़े री बात सा-2
म्हारी सुन्दर गौरी किकर भेजा सा
सायब जी म्हारी सहेल्या तो जोवे म्हारी बाट सा
म्हारा प्यारा सायब बेगा म्हे आवा सा
म्हारी सुन्दर गौरी गवर पूजण न भल-२जावोसा
पूजण में ओढ़ो सुरंगी चूनड़ सा
चेता में म्हाने गवर पूजन री मनमें आवेसा
गणगौर गीत -2
(लय – बाईसा रा बीरा)
गौरा दे माई चेता में आइज्यो ए, आता तो लाइजो सुरंगी चुनड़ी
सुरंगी चुनड़ी सोहे सुहागन र शीश
नवरंग चुनड़ सोहे बड़भागण र शीश
जतन सू ओढा रंग भर चुनड़ी-2
गोरा दे माई चेता म आइज्या ए-
गोरा दे माई बरी ओढ़ावे ए-2 ,पिया जी ओढावे सुरंग चुनड़ी
ओ गौरी म्हारी पेर बताओ ए, किसी के सोहे नवरंग चुनड़ी
गौरा दो माई पेर बतावा ए, राजन निरखे सुरंग चुनड़ी
गोरा दे माई—
गौरादे माई पूजण में ओढ़ाए, जतन सू राखा नवरंग चुनड़ी