चाँद चढ्यो गिगनार
चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां
ढल आई आधी रात, पीवजी
अब तो घरा पधार
मारूणी थारी बिलखे छे जी, बिलखे छे
चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां
ढल आई आधी रात पीवजी
अब तो घरा पधार मारूणी थारी बिलखे छे जी, बिलखे छे
1-हाथां मेहंदी राचणी कोई
नैना काजल सार्यो जी
हाथ्या मेहंदी राचणी कोई
नैना काजल सार्यो जी
ले दिव्लो चढ़गी चौबारे
मर्वण पलंग संवार्यो जी
ले दिव्लो चढ़घी चौबारे
मर्वण पलंग संवार्यो जी
बैठी मनड़ो मोड़ ,
गोरिकाआया नहीं भरतार,
मारूणी थारी बिलखे छेजी बिलखे छे
चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां
ढल आई आधी रात पीवजी
अब तो घरा पधार
मारूणी थारी बिलखे छेजी बिलखे छे
2ज्योज्यो तेल बले दिवले में
धण बाती सर्कावे जी
ज्योज्यो तेल बले दिवले में
धण बाती सर्कावे जी
नहीं आयो मद छकियो रसियो
दिव्लो नाड़ हिलावे जी
नहीं आयो मद छकियो रसियो
दिव्लो नाड़ हिलावे जी
दिवलो स्युं झुंझलाए गोरी
दिवलो दियो बुझाये,
मारूणी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे
चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां
ढल आई आधी रात पीवजी
अब तो घरा पधार
3सिसक सिसक कर गोरी रोवे
तकियों कालो करियो जी
सिसक सिसक कर गोरी रोवे
तकियों कालो करियो जी
उगते सूरज रसियो आयो
हाथ पीठ पर धरीयों जी
उगते सूरज रसियो आयो
हाथ पीठ पर धरीयों जी
कठे बिताई सारी रात थाणे
उग आयो परभात
मारूणी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे
चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां
ढल आई आधी रात पीवजी
अब तो घरा पधार
मारूणी थारी बिलखे छेजी बिलखे छे
हाथ छीटक कर गोरी बोली
अब क्यूँ घरा पधारा जी
हाथ छीटक कर गोरी बोली
अब क्यूँ घरा पधारा जी
सौतण के संग रात बिताई
करकर कोढ़ सवाया जी
सौतण के संग रात बिताई
करकर कोढ़ सवाया जी
बठे बिताई सारी रात थे तो
कर दीन्यो परभात
मारूणी थारी बिलखे छे जी बिलखे छे
चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां
ढल आई आधी रात पीवजी
अब तो घरा पधार
मारूणी थारी बिलखे छेजी बिलखे छे
उकचुक मत बोलो गोरी
मत न देवो ताना जी
उकचुक मत बोलो गोरी
मत न देवो ताना जी
साथीड़ा संग रात बिताई
ख़ेल्या चोपड़ पासा जी
साथीड़ा संग रात बिताई
खेल्या चोपड़ पासा जी
बठे बिताई सारी रात म्हाने
उग आयो परभात
गोरी मुस्कावो जी , मुस्कावो जी
चंदो गयो सिधार देखो
उग आयो परभात म्हारा
अब आया भरतार ,
मनड़ो मुल्खे छे जी मुल्खे छे
गोरी मुस्कावो जी , मुस्कावो जी
चाँद चढ्यो गिगनार कीर्तियां
ढल आई आधी रात पीवजी
अब तो घरा पधार
मारूणी थारी बिलखे छेजी बिलखे छे
CHAND CHADYO GIGNAR
Chand chadhyo gignaar,
Dhal aayi aadhi raat peevji,
Ab to ghara padhar,
Marudi thari bilakhe che ji bilakhe che.
Haath mehndi rachani koi,
Naina kaajal saaryo ji,
Le divlo chadhgi chaubare,
Marvan palang sanwaryo ji,
Baithe mandro mor gorika,
Aaya nahi bharatar,
Marudi thari bilakhe che ji bilakhe che.
Jyot jyot tel bale divle mein,
Ghan baati sarkaave ji,
Naahi aayo mad chakiyo rasiyo,
Divlo naar hilave ji,
Divlo syun jhunjhalaye gori,
Divlo diyo bujhaaye,
Marudi thari bilakhe che ji bilakhe che.
Sisak sisak kar gori rove,
Takiyon kaalo kariyo ji,
Ugate sooraj rasiyo aayo,
Haath peeth par dhariyon ji,
Kathe bitai saari raat thaane,
Ug aayo parbhaat,
Marudi thari bilakhe che ji bilakhe che.
Ukchuk mat bolo gori,
Mat na devo taana ji,
Saathida sang raat bitai,
Khelya chopad paasa ji,
Bathe bitai saari raat mhane,
Ug aayo parbhaat,
Marudi thari bilakhe che ji bilakhe che.