गोरा गोरा हाथा माही मेहंदी आज रचाई,
पांव में पायल नाकमें नथली बिंदिया बीच सजाई
जी भर मने निहारो बालम ईया मत शरमाओ, कर सोलह सिंगार बालमा ,मैं बन ठन कर आई ।
चूड़ी चमके रे मोतीडा भलके, माहने निरखो –२मारा बालमा चूड़ी चमके -४
थांसू पियाजी म्हारी नथली रा मोती
थे ही पियाजी म्हारी नैया री ज्योति -२
था बिन तो सिंगार अधूरों ,थे निरखो जद हो जावे पूरौ,पायल छणके म्हारी नथली दमकै ,महाने निरखो महारा —-
दूर खड़ा थे मत इतरावो,थोड़ा मिजाजी महार नेडा तो आओ,चुड़लें पर थारो नाम लिखायो,
ओ चुडलो महार मनडे भायों
कंगना खनके रे महारी झांझर झणके
म्हाने निरखो महारा ———