Devriyo Mharo Reejh Rahyo Parnariya

देवरियों म्हारो रीझ रहयो परनारियां-४

सैलानी रीझ रहयो परनारियां-
अम्बर में दिवलों जगे जी कोई बिन बाती बिन तेल -२
चारु कूटां चानणो जी कोई यो कुदरत रो खेल -२
देवरियों महारौ—–
चार कूंट को न्यातणो जी कोई बांधया मूंग मरोड़ -२
पाडोसी को डावडो जी कोई रहग्यो मूंछ मरोड़ -२
देवरियो महारो–
तेरी कोटड़ी मेंरो चौबारों दौना की रल रही कूंट-२
पाडोसी को डावडो जी कोई रहग्यो छाती कूट -२
 देवरियो महारो– 

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