THANDI THANDI RATA PIYA DHOLI DHOLI CHANDNI
ठंडी ठंडी राता पिया धोली -धोली चांदनी -२
पवन चले
पुरवाई हो,पुरवायी जी ,मतों जोउ थारीबाटडली ]-२
वन म नाचे मोर पिया बागा म पपिया ओ -३मनड़ो हरषायो म्हारे घर आ सी पियो रे बागा म कोयलड़ी कुरणाई हो
मतों जोऊ थारी बाटडी —–
बाजे बाजे ढोल पड़े- चंग रो धमीड़ो हो ,घिन्दड़ घाले जोर को म्हारे पड़ोसी ख़ातिडो रे हो ,हो हो बांसुरी की ता न म्हारे मन भायी-२ खड़ी तो जोऊ था री बाटड़ली
ठंडी ठंडी राता ———
तन ऊपर मार गेरी भर पिच कारी रे ,-२ रंग म्हारे ढोल्यो देखो देवर अनाड़ी रे
चुनड़ी की आब गमायी ओ पीया -२
THANDI THANDI RATA PIYA DHOLI DHOLI CHANDNI
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