CHAL CHANDA DAAGLIYE M
चा ल चंदा डागलीय पे झीणी झीणी चांदनी -२ कोई हिलमिल रास रचावा ए फागण में ,-२ थार सा ग चालू कोनी ओ रे बालम रसिया,-२ थे तो सारी सारी रात जगाओ जी फागण में -२ थार थार खातर मतो बाग लगाया जी कोई घुमन क मिसचालो जी फागण में, चाल चंदा डागलीय ——–थार थार खातर ढोला थाल सजायो जी कोई जीमण क मिस आज्यो ए फागण में, चा ल चंदाडागलीय म झीनी झीणी चांदनी कोई मन की बात बता स्या ए फागण म —
थार थार खातर ढोला सेज बिछायी जी, कोई पोढण क मिस आज्यो जी फागण म
चाल चंदा ——
थार थार खातर ढोला सज सिंण गारी जी कोई निरखण क मिस आज्यो जी फागण म
चाल चन्दा डा गलीय मझीणी झीनी चांदनी प्रीत रंग रंग ज्यासा जी फागण म