Aao Bhakto Tumhe Batau Mahima Rajsthan Ki

आओ भक्तों तुम्हे बताऊं
(तर्ज : आओ बच्चो….)
आओ भक्तों तुम्हे बताऊं महिमा राजस्थान की, उस मिट्टी को नमन करो, वह धरती देवस्थान की, जय जय राजस्थान…. प्यारा राजस्थान रणथम्भोर में श्री गजानन्द देवों के सिरमोर हैं, पुष्कर में ब्रह्मा का मंदिर, महिमा चारों और हैं, उदयपुर में एकलिंगजी, दर्शक भाव विभोर है, मेवाड़ी मीरां की भक्ति, कृष्ण प्रेम की बानगी ।।1।। 
ओसियां जाकर माँ संच्चियांय को, जिसने शीष झुकाया है, भक्ति से शक्ति मिल जाती, खाली नहीं लौटाया है, मोरखाणा सुसवाणी माता, अदभुत उनकी माया है, भक्त काम हित दौड़ी आवै, देवी वो भुवाल की ।।2।।
सालासर दरबार निराला, रामभक्त वहाँ रहते हैं, तोलियासर के भैंरूं बाबा, सब के संकट हरते हैं, नाथद्वारा श्रीनाथजी, सबको दर्शन देते हैं, जयपुर की आमेर भवानी, खाटू नगरी श्याम की ।।3।। रूणीचै रा रामदेव जी, लीले रा असवार है, चुरू वाले बाबोसा की, महिमा अपरंपार है, झुंझुनूं मैं हैं राणीसती जी, समझो नैय्या पार है, करणी माता देशनोक में, देवी है संसार की ।। 4।।
रणकपुर में भव्य मूर्ति है, पार्श्वपाथ भगवान की, आबू पर्वत छटा निराली, महावीर भगवान की, सिरियारी में करों वंदना, श्री भिक्षु के नाम की, “तुलसी” समाधि गंगाशहर में, गुरूवर तुलसीराम की ।।5।।

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