(तर्ज : अंजनी माँ रै हुयो……)
आयो नवरात्रा त्यौहार, बधाई सारे भक्ता नै, पावन ओसिया गांव, बधाई सारे भक्ता नै, आज यो आगणो, धन्य हुयो है, नवरात्रा प्रारम्भ हुया है, नाचो रे नाचो दे दे ताल, – 2
बधाई सारे भक्ता नै.
खुशखबरी आ, सवने सुणावां, झुमा रे नाचा म्हें तों मौज मनावां मैयाजी आई दरबार, – 2
बधाई सारे भक्ता नै.
लाल चुनड़िया माँ को प्यारी, पीले सिंह की करै असवारी हाथों में त्रिशुल – 2
बधाई सारे भक्ता नै.
नवरात्रा रो समो निरालो, रत्न जड़ित सिहांसन थारो, निजरां उतारा बारम्बार, 2
बधाई सारे भक्ता नै.
चालो जी चालो, ओसियाजी चाला, माँ न निरखस्याँ, आरती उतारां, आके सजावाँ, पुजन थाल, – 2
बधाई सारे भक्ता नै.
मीठा – मीठा भजन सुणावां, भक्ति रा म्हे दीप जलावां, चरणां शीष झुकाय, – 2
बधाई सारे भक्ता नै.