(लय- जय श्री बालाजी महाराज अनोखी थारी झांकी )
बड़ा प्यारा लागे धाम ओ शेरोवाली मैया-२
. मैंने रेल की टिकट कटाई और जम्मू तक मै आई
फिर में पहुंची कटरा धाम हो, शेरा वाली मैया बड़ा प्यारा लागे धाम
मै पहुंची बाण गंगा ,मैंने गोते खूब लगाये ,मेरे कट गए सारे पाप ओ शेरोवाली मैया ,मैं पहुंची चरण पादुका, मैने रज रज शीश झुकाया
मेरे पैरो में आगई जान, ओ शैरोवाली मैया
मै पहुंची अर्धकुंवारी, भक्तो की भीड़ थी भारी, माँ सब मोटे पतले जाए, ओ
मैं पहुंची हाथी मत्था, भक्तो का मिल गया जत्था मैया तेरी हो रही जय जयकार, ओ–
मै पहुंची भवन के अन्दर वहाँ बैठी तीन बहना मैंने रज रज दर्शन पाए, ओ–
मैंने ऊंची करी चढ़ाई और भैख मंदिर आई मेरे बन गए सारे काम ओ शेरो वाली मैया
दर्शन कर घर कोआई मैने कन्या खूब जिमाई मेरे बन गए सारे काम, ओ बड़ा प्यारा लागे धाम