Charakha , Rajasthani Geet,

ओ बला रे ओ बला रे,भूमरे चरखा भू ,

म्हार घर जियो मालिक तू, म्हार नथडी रो मोती तू,
बला जियो रे बला रे भू, ओ बला, अजी ओ बला रे 

भूरे रे चरखा भू -२म्हार घर रो रे मालिक तू, म्हार नथडी रो मोती तू,बला भू रे चरखा भू 
भूम चरखा, भूम चरखडा भूम
चरखों चंदन काठ रो ,अजी चरखों चंदन काठ रो,गूडी लाल गुलाल ,कत्वारी कातने बैठी कातेना अंत ना पार, भूम चरखडा, भूम चरखडा,चरखडा , चरखडा 
ओ बला रे भूमरे चरखा भूम —-
बाराह बरस सू आ आ आ, बाराह बरस सू कामद आयो कांई कायी चीजा ल्यायो,लाल जी कांई कांई चीजा ल्यायो -२
अजी हाथ में होकलियो लायो, चणा चाबतो आयो,बला रे बला रे,, भूमरे चरखा भू  म्हार घर जियो मालिक तू म्हारी नथडी रो मोती तू ,बला,भूमर चरखा भू, चरखडा, भूम चरखडा -३
चरखे री कमाई, अजी चरखे री कमाई में मैं तो नणदल न परणाई
नणदल ने परणाई मैं तो हिवडे हार गंवाई
बला रे,ओ बला रे भूमरे चरखा भू म्हार घर जियो मालिक तू म्हार नथडी रो मोती तू —+–

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