गणेश वंदना ( लय-वारि जाऊं चिरमी ने )
उत्सव रच्यो है मारे आंगणे,-2 थे आई ज्यों गौरी का लाल,कारज म्हारा सफल करो।
फुलडा री माला म्हे लाया विनायक, थे स्वीकारो गणराज कारज म्हारा सफल करो ।
रिद्धि-सिद्धि न साग ल्यावजो-2 ,अन् धन्न से भरो भंडार, कारज महारा सफल करो
सोने री थाली में मोदक ल्याया ,-2थे भोग लगावो गणराज कारज म्हारा सफल करो
(लय-वारि जाऊं चिरमी ने )