गजानन्द सरकार पधारो
(तर्ज : फूल तुम्हें भेजा है……..)
गजानन्द सरकार पधारो, कीर्तन की सब त्यारी है, आओ आओ, बेगा आओ, चाव दरश को भारी है ।।
थे आवो जद काम बणेला, थां पर सारी बाजी है, रणत भंवरगढ़ वाला सुणल्यो, चिन्ता म्हाने लागी है, देर करो मत, ना तरसाओ, चरणां अर्ज हमारी है ।।1।।
रिद्धि-सिद्धि संग ले आओ विनायक, द्यो दर्शन थांरे भक्तों ने, भोग लगावां, धोक लगावां, पुष्प चढ़ावां चरणां में, गजानन्द थारै हाथां में अब तो लाज हमारी है ।।2।।
भक्तां की तो विनती सुण कर, शिव सुत प्यारो आयो है, जय – जयकार करो गणपति की, आकर मन हरषायो है, बरसेलो अमृत भगतां में, थारी महिमा न्यारी है ।।3।।